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    Wednesday, December 8, 2010

    अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें

    रज़िया मिर्ज़ा का आदाब ..रज़िया राज़
    [3[2].jpg]हर दिल की यह चाहत है कि चहु ओर अमन कायम हो-फिर आखिर वो कौन हैं जो अमन कायम नहीं होने देते, चैन से रहने नहीं देते…समीर लाल (उड़नतश्तरी )
    pooja2आज अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें" की छठी  पेशकश. आज मिलिए पूजा शर्मा जी से जो  ख्यालों को बेहतरीन अंदाज़ मैं कलमबंद करने मैं
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    पेश ए खिदमत है "अमन के पैग़ाम पे  सितारों की तरह चमकें की आठवीं  पेशकश ब्लॉगजगत की शान एक सुलझा हुआ इंसान  ..
    Rajendra Swarnkar पेश ए खिदमत है "अमन के पैग़ाम पे  सितारों की तरह चमकें की चौथी पेशकश ...राजेन्द्र स्वर्णकार बीकानेर से  कुछ इस तरह से "अमन का पैग़ाम दे रहे हैं…
    blog-2ये दो भाव पुष्प अर्पण कर रहा  हूँ , अगर अगर आप सबको पसंद आये तो खुशकिस्मत मानूंगा अपने को ----शांति और भाईचारे की आज पुरे विश्व को ज़रुरत है
    पेश ए खिदमत है इस्मत जैदी "शेफा कजगांवी  " अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें की तीसरी पेशकश
    13 बनारस से मेरा बहुत ही गहरा रिश्ता रहा है. सुबहे बनारस दशाश्वमेघ घाट पे बैठ के देखना मेरा शौक रहा है.  आज अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें की पांचवी श्रेणी मैं पेश हैं ...देवेन्द्र पाण्डेय जी बनारस  से
    10 पेश ए खिदमत है "अमन के पैग़ाम पे  सितारों की तरह चमकें की सातवीं   पेशकश..हर दिल अज़ीज़ .......तारकेश्वर गिरि
    gudia काश ये कोशिश कामयाब हो और जो नफरत और खुदगर्ज़ी की गुलामी कर रहे हैं, भाईचारे और मोहब्बत की आजाद दुनिया में जीना सीख सकें.…अंजना जी(गुडिया
    vivek1 अमन और शांति की हवा बनाये रखने के लिये हमें अपने मन में प्रेम और परस्पर सद्भाव की मशाल जलानी होगी, जो किसी ध्रर्म से संबंधित नहीं है।
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    कम पढ़ा लिखा इंसान अक्सर धर्म के नाम पे की जा रही  साजिशों का शिकार आसानी से हो जाया करता हैं, इसलिए आवश्यकता है, अपने ज्ञान को बढ़ाने की और खुद को इर्ष्या , द्वेष, अहंकार जैसी आत्मा की बुराईयों से आज़ाद कर के लिखने की.

    एस एम् मासूम
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    इमाम हुसैन की शहादत
    को नमन करते हुए हमारी ओर से श्रद्धांजलि…इस लेख़ के ज़रिये मैंने एक कोशिश की है  यह बताने की के धर्म कोई भी हो जब यह राजशाही , बादशाहों, नेताओं का ग़ुलाम बन जाता है तो ज़ुल्म और नफरत फैलाता    है और जब यह अपनी असल शक्ल मैं रहता है तो, पैग़ाम ए मुहब्बत "अमन का पैग़ाम " बन जाता है. 

    इन लेखो को सुनने के लिए आयें इधर

    शांति सन्देश देने के लिए जो भी चाहे अपने लेख़, कविता, सन्देश, अमन के पैग़ाम को भेज सकता है.लेख़ की जगह यदि आप कविता या ग़ज़ल भेज रहे हैं तो ४-५ लाइन भूमिका के अवश्य भेज दें. पहले से पेश की हुई कविता, लेख़ या ग़ज़ल भी आप भेज सकते हैं, जिनको आप की उस पोस्ट के लिंक के साथ पेश किया जाएगा.

    इस ब्लॉगजगत ने इस श्रेणी "अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें मैं बहुत उत्साह से भाग लिया है और अभी तक ५० से अधिक लेख़ या कविताएँ  प्राप्त हो चुकी हैं. आप की मेहनत सामने लाने मैं समय तो लग सकता है लेकिन पेश अवश्य किया जाएगा. धैर्य रखें.. 

    (amankapaigham@evasai.com)

    लेख़ भेजने की अंतिम तारिख है १५ दिसम्बर २०१०

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    Item Reviewed: अमन के पैग़ाम पे सितारों की तरह चमकें Rating: 5 Reviewed By: M.MAsum Syed
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