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    Monday, November 29, 2010

    साथी हाथ बढ़ाना एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना साथी हाथ बढ़ाना

    अमन के पैग़ाम ब्लॉग पे २ सप्ताह से लगातार अलग अलग ब्लोगर्स के शांति सन्देश पेश किये जा रहे हैं. सितारों की तरह चमकें श्रेणी मैं अब तक तीन ब्लोगेर्स के लेख़ और कविताएँ पेश की जा चुकी हैं. बहुत से ब्लोगेर उह सवाल पूछ रहे हैं की क्या कोई भी यह सदेश दे सकता है?
    यकीनन इसका जवाब है हाँ. शांति सन्देश देने के लिए जो भी चाहे अपने लेख़, कविता, सन्देश, अमन के पैग़ाम को भेज सकता है और एक एक करके सभी पेश किये जाएंगे.
    अब तक के पेश किये लेख़ हैं:
     
    [3[2].jpg]हर दिल की यह चाहत है कि चहु ओर अमन कायम हो-फिर आखिर वो कौन हैं जो अमन कायम नहीं होने देते, चैन से रहने नहीं देते…समीर लाल (उड़नतश्तरी )

     

    लेख़ भेजने की अंतिम तारिख है १५ दिसम्बर २०१०

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    Item Reviewed: साथी हाथ बढ़ाना एक अकेला थक जाएगा, मिलकर बोझ उठाना साथी हाथ बढ़ाना Rating: 5 Reviewed By: M.MAsum Syed
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