Pages

For JAUNPUR HISTORICAL PLACES Tour

Jaunpur Qila! Badi Masjid ! bridge at Jaunpur

Tuesday, March 22, 2011

पठान का डंडा और मामला ठंडा

pathan उपदेश और नसीहतों के बीच कभी कभी थोडा हंस भी लेना चाहिए. 

किसी गाँव मैं एक साहब ने खुद के भगवान् होने का  का एलान कर दिया,कहने लगे कि वो भगवान् हैं. दूर दूर से लोग आते और उसको समझाते कि तुम ग़लत हो, दूर देश से धर्म के ज्ञानी बुलाये गए लेकिन वो मान ने को तैयार नहीं कि वो खुदा नहीं है.

वहीं गाँव मैं एक दुखी पठान रहता था . दुखी इस लिए कि उसका बेटा अभी कुछ दिनों पहले चल बसा था. उसने भी यह बात सुनी कि एक साहब ने भगवान् होने का  दावा कर दिया है. उस पठान ने कुछ सोंचा और अपनी लाठी हाथ मैं ले के उन साहब से मिलने गया.

वहां देखा लोग उसको समझा रहे हैं, पठान ने सब से कहा , मुझे भी एक मौक़ा दो इन भगवान् जी से मिलने का. सब मान गए. 

पठान ने पूछा तो आप खुद को भगवान् कहते हैं?

उन साहब का जवाब था हाँ.

पठान के डंडा ऊपर उठाया और कहा "तो तुम्ही हो जिसने मुझसे मेरा बेटा छीन लिया" 

इस से पहले कि पठान आगे बढ़ता उन साहब ने चिल्ला के कहा  नहीं भाई मैं ना तो भगवान् हूँ और ना ही मैंने तुम्हारा बेटा छीना है..

6 comments:

सलीम ख़ान said...

great!

हरीश सिंह said...

भारतीय ब्लॉग लेखक मंच शहीद दिवस पर आज़ादी के दीवाने शहीद-ए-आज़म भारत माता के वीर सपूत भगत सिंह सहित उन सभी वीर सपूतो को नमन करता है जिन्होंने भारत माता को आजाद करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी.
आईये हम सब मिलकर यह संकल्प ले की भारत की आन-बान और शान के लिए हम सदैव तत्पर रहेंगे. यह मंच आपका स्वागत करता है, आप अवश्य पधारें, यदि हमारा प्रयास आपको पसंद आये तो "फालोवर" बनकर हमारा उत्साहवर्धन अवश्य करें. साथ ही अपने अमूल्य सुझावों से हमें अवगत भी कराएँ, ताकि इस मंच को हम नयी दिशा दे सकें. धन्यवाद . आपकी प्रतीक्षा में ....
भारतीय ब्लॉग लेखक मंच

योगेन्द्र पाल said...

कहानी बहुत अच्छी लगी, डंडे में बात तो है

अब कोई ब्लोगर नहीं लगायेगा गलत टैग !!!

देवेन्द्र पाण्डेय said...

पुरानी कहावत है डंडे के डर से भूत भी भागता है।

akhtar khan akela said...

maasum bhai vaah kya dndaa he aese dnde desh me netaon ke liyen bhi bn jaye to mza aa jaaye . akhtar khan akela kota rajsthan

सारा सच said...

nice