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    Sunday, May 22, 2011

    ज्योतिष संबंधी सॉफ्टवेयर कितने भरोसे मंद

    kundliशादी से पहले कुंडली मिलान करना , अपना भविष्य जान ने की उत्सुकता इंसानों मैं हमेशा से रही है. पहले इसके लिए ज्ञानी पंडितों से संपर्क किया जाता था लेकिन आज कल कम्पुटर का ज़माना है, मशीनी युग है. अब लोग कंप्यूटर कुंडली सॉफ्टवेयर का सहारा लेने लगे हैं. पहले के ज्ञानी पंडित कुंडली अपने ज्ञान और तजुर्बे से बनाते थे जिनपे विश्वास किया जा सकता था और यह काम हर पंडित नहीं कर पता था.

    कुंडली बना ने मैं दो बातें अहम् होती हैं. एक तो कुंडली चार्ट बनाना और दूसरे उसको देख के भविष्य बताना या दो कुंडलीका मिलान करना. अधिकतर कंप्यूटर कुंडली सॉफ्टवेयर ,कुंडली तो सही बना लेते हैं, चार्ट सही बनता है लेकिन भविष्य वाणी संतोषजनक या भरोसे मंद नहीं हुआ करती.

    इस बार जब मैं जौनपुर गया तो पाया की बहुत से इन्टरनेट साइबर कैफे मैं कुंडली मिलान का धंधा ज़ोरों पे है और उनके ग्राहक बहुत से पंडित भी हैं. यह पंडित स्वम कुंडली बनाना नहीं जानते, यह तो बस लड़के लड़की  की जन्म तिधि, नाम इत्यादि ले कर साइबर कैफे मैं चले जाते हैं ,१०० रूपए दे के कुंडली बनवा लाते हैं. घर पे मिलान कर के खुद के हाथ से वही चार्ट बनवा के लोगों को दे देते हैं और बदले मैं २०००/- की दछिना पाते हैं.

    इस कुंडली सॉफ्टवेयर ने साइबर कैफे वालों की भी जेब भरी क्यों की वो जिस कुंडली का १०० रुपया लेता है ,उसको बनाने का सॉफ्टवेयर मुफ्त मैं इन्टरनेट पे मिलता है और कोई भी डाउन लोड कर सकता है. उसमें नाम ,जन्म तिथि और जन्म स्थान भरने पे खुद ही कुंडली बन जाया करती है.

    ज़रुरत और लोगों की अज्ञानता के पैसे तो आज सभी ले रहे हैं इस लिए साइबर कैफे वालों को क्यों दोष देना लेकिन आम इंसान को जागरूक भी होना चाहिए. आखिर आपने  तो  मेहनत से पैसे कमाए हैं क्यों उनको सस्ते मैं अज्ञानता वश  कारण गँवा दें.

    ज्योतिष संबंधी सॉफ्टवेयर के बताए भविष्य पे पूरा भरोसा ना करें केवल उनकी कुंडली चार्ट खुद निकाल कर पंडित से मिलन करवा लें.

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    4 comments:

    दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said... May 22, 2011 at 10:50 PM

    फलित ज्योतिष अपने आप में बहुत बड़ा गोरखधंधा है।

    DR. ANWER JAMAL said... May 22, 2011 at 11:13 PM

    हम तो मुसलमान आदमी हैं। हम तो कुंडली बनवाते ही नहीं और न ही हमें कभी इनकी ज़रूरत पड़ती है और जो लोग ये कुंडलियां बनवाते आ रहे हैं। वे भी अब जान गए हैं कि पिछले दो हज़ार से तो राशियां ही अपनी जगह से टली हुई चल रही हैं जिसका पता अभी सन 2010 में चला। ऐसे में जो भविष्यवाणियां ग़लत निकलीं उनका कारण तो समझ में आ गया लेकिन फिर भी कुछ भविष्यवाणियां गणना ग़लत होने के बावजूद सच साबित हो गईं। ऐसे में किसी ज्योतिषीय गणना की वैल्यू ही क्या बचती है ?
    हरेक मुसलमान वकील साहब से सहमत है कि ‘फलित ज्योतिष एक बहुत बड़ा गोरखधंधा है।‘
    लेकिन ज़रा सा ग़ौर किया जाए तो सारा गोरखधंधा समझ में आ जाता है कि यह कुंडली बनाने वाले पंडों के लिए बिना कुछ किए खाने-कमाने का बेहतरीन धंधा है।
    हमारा सुझाव तो यह है कि कंप्यूटरीकृत कुंडली भी न बनवाई जाए। कुंडली बनते ही लड़के-लड़कियों के रिश्ते होने में परेशानी आती है। कोई मंगली ठहरा दिया जाता है और कोई कालसर्प योग से ग्रसित और कोई शनि की साढ़े सती का मारा हुआ।
    कुंडलियां अपने स्वामियों को तो दुख देती हैं और अपने बनाने वालों को दौलत से लाद देती हैं। ग्रहों को अपनी चाल चलने दीजिए आप बस नेक चाल चलन अख्तियार कर लीजिए।

    औरत
    की हक़ीक़त Part 1(औरत-मर्द के रिश्ते की एक अनूठी सच्चाई सामने रखने
    वाला एक बेजोड़ अफ़साना) - Dr. Anwer Jamal

    Ratan Singh Shekhawat said... May 23, 2011 at 6:41 AM

    ज्योतिष अपने आप में एक बहुत बड़ी खगोलीय विद्या है पर इन पंडितों ने इसे भविष्य फल से जोड़कर इसे गोरखधंधा बना इसे बदनाम कर दिया |

    Item Reviewed: ज्योतिष संबंधी सॉफ्टवेयर कितने भरोसे मंद Rating: 5 Reviewed By: M.MAsum Syed
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